वो पहली सी मोहब्बत

तुम्हारी वफाऐं खोऐ गुज़र गया है वक़्त
सूख गया है, आंगन में उगा था जो पेड़
कहाँ से लाऊँ वो पहली सी मोहब्बत
दिल के तारों में , वो साज नहीं बजता है अब

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