एहसास

एहसास

चराग आफताब गुम
बड़ी अजीब बात है
महक गुलाब में भी कम
बड़ी अजीब बात है
हूँ चार दोस्तों मे भी चुप
बड़ी अजीब बात है
है चाँद खिला पर रोशनी Continue Reading एहसास


अकड़ी खिड़कियां

अकड़ी खिड़कियां

बरसात की मौजों मे अकड़ी खिड़कियां
जो खींचे नहीं खिंचती
कारीगर के एक रंधे की मोहताज होती है बस
जो उन्हे कोमल कर जिन्दगी के मायने बता जाता


मृगनयनी

मृगनयनी तो सिर्फ एक नाम है
तेरे नयन तो मदहोशी भरा एक जाम है
माथे की बिंदिया क्या खूब मुस्कुराती है
इस शायर की बेसब्र कलम खुलवाती है


मंज़िल

रुखसत नसीब हुई है रंजो गम की महफिलों से तुम्हें

दीदार करना है, अब नयी मंजिलों का तुम्हें

मंजिलों से कोई फासला ना रखना

जरूरत पडे तो सिर्फ़ Continue Reading मंज़िल


दिल की धड़कन

दिल की धड़कन

दिल की धड़कन, को किया नज़र अंदाज बार बार
दिल ए इंतज़ार ने, बस तन्हाई मे एक उम्र गवां दी


भिखारी

भिखारी

वह ठहरा एक मूक भिखारी
पर मुस्कुरा के जा रहा था
पैरों ने दे दिया था जवाब
टेक लाठी चले जा रहा था

दो पल ही ठहरा उस दरवाजे Continue Reading भिखारी


सिल

सिल

मैं खुद को सिल पर घिसता रहा था बे हिसाब
प्यार से भरे हुए हाथों से घिसा, किसी ने ना जाना


Numbered page navigation links will be available below.(if there are more pages of content to show)