सिफारिश

सिफारिश

आज दिल ने तुम्हारी ही सिफारिश की है
के तुम आओ तो दिल का दरवाज़ा खुला रखूं


दिल की सलामी

दिल की सलामी

दिल की सलामी तो दिल चीर गयी
वो अंगड़ाई भी नज़रों में ठहर गयी
नम ज़ुल्फों को क्या झटका
बारिश मेरे मोहल्ले में हो गयी
ये दीदार चुपके चुपके Continue Reading दिल की सलामी


बाज़ार बंद है

बाज़ार बंद है

कैसे लाओगी खरीद कर इतना कुछ
बाज़ार भी बंद है
और दुकानों में अब ये सामान मिलते भी नहीं


सुबह की पहली किरण सी जिन्दगी

सुबह की पहली किरण सी जिन्दगी

सुबह की पहली किरण सी जिन्दगी
जो होने वाले उजाले की तरह गहरी होगी
भोर की लालिमा में उठा पंछी कलरव
सुकून बरसाएगा, वो जिन्दगी होगी

फिर दोपहर की Continue Reading सुबह की पहली किरण सी जिन्दगी


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